अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण पर 65.33 करोड़ रुपये का बजट, 37 और नए वाहन खरीदने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों से प्रदेश में आगजनी और अन्य आपात स्थितियों के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जा सकेगा।
इनमें शिमला को 9, कांगड़ा को 8, मंडी और सोलन को 5-5, जबकि हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति को 3-3 वाहन दिए गए हैं। इसके अलावा सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू को 2-2 तथा किन्नौर को एक वाहन उपलब्ध करवाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आपदा और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
65.33 करोड़ रुपये से होगा आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2024-25 में भी 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए थे।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों तक आधुनिक अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए विभाग को अत्याधुनिक उपकरण, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सुसज्जित किया जा रहा है।
नए अग्निशमन केंद्र और चौकियां
सरकार अग्निशमन सेवाओं के आधारभूत ढांचे को भी मजबूत कर रही है। बिझड़ी में करीब 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी का भवन बनकर तैयार हो चुका है। वहीं नादौन और इंदौरा में उप-अग्निशमन केंद्रों के भवन निर्माण पर 3.50-3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इसके अलावा कंडाघाट उप-अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। नए और स्तरोन्नत अग्निशमन केंद्रों तथा चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 वाटर टेंडर भी खरीदे जा रहे हैं।
अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए ऊना के टाहलीवाल को उप-अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत किया गया है, जबकि कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी खोली गई है। नई इकाइयों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अग्निशमन कर्मियों की विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक वाहन, बेहतर उपकरण, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे के जरिए प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आगजनी और अन्य आपदाओं के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

