लगातार बारिश, भूस्खलन और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। मानसून के दौरान प्रदेश में प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने 193.95 करोड़ रुपये की अग्रिम राहत निधि स्वीकृत की है।
केंद्र की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी किस्त भी निर्धारित समय से पहले जारी कर दी गई है, ताकि प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों के सामने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए धन की कमी न आए।
बारिश और भूस्खलन से बढ़ी चुनौतियां
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बंद होने, पुलों एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान जैसी परिस्थितियां सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
ऐसे समय में केंद्र सरकार की ओर से अग्रिम राहत राशि जारी किए जाने से राहत एवं बचाव कार्यों, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
समय से पहले जारी हुई दूसरी किस्त
आपदा की स्थिति को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मिलने वाली दूसरी किस्त को समय से पहले जारी किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में मानसून के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन समय पर उपलब्ध करवाना है।
केंद्र की इस सहायता से प्रदेश में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, अस्थायी व्यवस्थाओं और आवश्यक बहाली कार्यों को आगे बढ़ाने में यह राशि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हिमाचल ने जताया आभार
केंद्र सरकार की इस सहायता के लिए हिमाचलवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया गया है। राहत राशि को मानसून की कठिन परिस्थितियों में प्रदेश के लिए केंद्र के सहयोग और समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
मानसून की मार के बीच हिमाचल को मोदी सरकार का बड़ा राहत पैकेज, ₹193.95 करोड़ की अग्रिम राशि जारी

