एमओयू से स्थानीय पशुपालकों को मिलेगा संस्थागत बाजार, शुरुआती चरण में सालाना करीब 90 लाख रुपये का आर्थिक अवसर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में मंगलवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और किन्नौर जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ लिमिटेड (किनफेड) के बीच पहाड़ी भेड़ एवं बकरी के मांस की खरीद और आपूर्ति को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत आईटीबीपी के जवानों के लिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से प्रसंस्कृत पहाड़ी भेड़ एवं बकरी के मांस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
प्रारंभिक चरण में सहकारी क्षेत्र के माध्यम से आईटीबीपी की कुल मांस आवश्यकता का करीब 10 प्रतिशत पूरा किया जाएगा। इससे स्थानीय सहकारी क्षेत्र को प्रतिवर्ष लगभग 90 लाख रुपये का आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है। भविष्य में आईटीबीपी की मांस आवश्यकता को बड़े स्तर पर सहकारी क्षेत्र के माध्यम से पूरा किए जाने पर इसका वार्षिक आर्थिक मूल्य बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल आईटीबीपी जवानों के कल्याण के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय समुदायों के साथ मजबूत और स्थायी आर्थिक संबंध स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय पशुपालकों को एक भरोसेमंद संस्थागत बाजार उपलब्ध होगा और सीमावर्ती गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू को भविष्य में स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए एक व्यापक मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से इसमें स्थानीय अंडे, पोल्ट्री, ताजी सब्जियां, ट्राउट मछली और अन्य उपयुक्त उत्पादों को भी शामिल किया जाएगा।
इससे स्थानीय उत्पादकों और सहकारी समितियों को सुनिश्चित बाजार मिलने के साथ रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों और आईटीबीपी के बीच आपसी सहयोग और संबंध और मजबूत होंगे।
आईटीबीपी उत्तरी सीमांत के महा-निरीक्षक मनु महाराज ने कहा कि आईटीबीपी अपने जवानों के कल्याण के साथ-साथ उत्तरी सीमा से जुड़े स्थानीय समुदायों के साथ मजबूत और स्थायी साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, डीआईजी (आईटीबीपी) शिमला रवि तथा किनफेड के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

