शिमला।
नीति आयोग द्वारा जारी इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI)-2026 में हिमाचल प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया है। राज्य को ‘फ्रंटरनर’ श्रेणी में शामिल किया गया है, जो निवेशकों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल और प्रभावी प्रशासन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने व्यापार सुगमता बढ़ाने और निवेशकों का विश्वास मजबूत करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग सरकार की पारदर्शी, प्रभावी और निवेशक-अनुकूल नीतियों की सफलता को दर्शाती है।
सूचकांक में अवसंरचना (Infrastructure) और संसाधन (Resources) श्रेणियों में हिमाचल प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया। राज्य को यह उपलब्धि बेहतर लॉजिस्टिक्स, डिजिटल कनेक्टिविटी, बिजली व्यवस्था, औद्योगिक सुविधाओं, उच्च श्रमबल भागीदारी और महिलाओं की कार्यबल में उल्लेखनीय भागीदारी के कारण मिली।
इसके अलावा नियामकीय सुगमता (Regulatory Ease) में हिमाचल चौथे, संस्थागत वातावरण (Institutional Environment) में उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा व्यावसायिक वातावरण (Business Environment) में पांचवें स्थान पर रहा।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधान सचिव (उद्योग) एम. सुधा देवी ने बताया कि निर्माण अनुमति, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के चलते हिमाचल को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में भी स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से वर्तमान में 30 विभागों की 180 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे निवेशकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।
हिमाचल निवेशकों की पहली पसंद बनने की ओर, IFI-2026 में तीसरा स्थानइन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों में नंबर-1, निवेश अनुकूलता सूचकांक में हिमाचल की बड़ी उपलब्धि

