शिमला: हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं प्रदेश निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती पर विधानसभा परिसर शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच और विकास मॉडल को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने आधुनिक और आत्मनिर्भर हिमाचल का सपना देखा था। उनकी सोच के अनुरूप सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी नीतियों को व्यवहार में उतारना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य बन चुका है। सरकार ने 156 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया है, जिससे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए ‘डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना’ के तहत मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार का मानना था कि हिमाचल का विकास गांवों के विकास से ही संभव है। इसी सोच के अनुरूप सरकार प्राकृतिक खेती, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से गांवों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है ताकि लोगों का शहरों की ओर पलायन रुके।
उन्होंने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष से मिलकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार के नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों ने हिमाचल को विकास की नई दिशा दी। वहीं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि डॉ. परमार के संघर्ष और विचार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं तथा उन्होंने हिमाचल को अलग पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
समारोह में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्रीनिवास जोशी ने डॉ. परमार के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने डॉ. परमार के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार वृत्तचित्र भी देखा। इस अवसर पर विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया गया और विधानसभा परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रीगण, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. वाई.एस. परमार की नीतियों को आगे बढ़ा रही प्रदेश सरकार, 2032 तक समृद्ध हिमाचल का लक्ष्य: मुख्यमंत्री

