वाराणसी में आयोजित फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया के 56वें वार्षिक अधिवेशन में देशभर से पहुंचे होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे देश-विदेश के पर्यटकों को हिमाचल प्रदेश आने के लिए प्रोत्साहित करें और अपने टूर पैकेज में प्रदेश के नए एवं अनछुए पर्यटन स्थलों को भी शामिल करें।
प्रदेश में कारवां और वीकेंड पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं महिलाओं के लिए हिमाचल को और अधिक सुरक्षित एवं स्वागत योग्य पर्यटन गंतव्य बनाने के उद्देश्य से ‘शी ट्रैवल’ नीति तैयार की जा रही है। शिमला और मनाली को एकल महिला पर्यटकों के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थलों के रूप में पहचान मिली है।
कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय या उसके आसपास हेलीपोर्ट विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में होमस्टे योजना शुरू की गई है और होमस्टे नियम-2025 भी लागू कर दिए गए हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने के साथ-साथ हिमाचल की ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल के अनछुए पर्यटन स्थलों को टूर पैकेज में शामिल करें: पर्यटन उद्योग से मुख्यमंत्री की अपील

